पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — उत्तर प्रदेश 2026 की पूरी Step-by-Step गाइड

यह गाइड उन घर-मालिकों के लिए है जो उत्तर प्रदेश में रहते हैं, rooftop solar लगवाना चाहते हैं, और अब pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन की असली प्रक्रिया को बिना अटके, बिना rejection के और बिना महीनों इंतज़ार किए पूरा करना चाहते हैं। हमने UPPCL और UPNEDA के ज़रिए उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में — लखनऊ और कानपुर से लेकर जौनपुर, गोरखपुर और प्रयागराज तक — सैकड़ों पीएम सूर्य घर आवेदन process किए हैं। दिक्कतें लगभग हर जगह एक जैसी ही आती हैं। यह 2026 में अपडेट की गई गाइड आपको बताएगी कि वे दिक्कतें कहाँ आती हैं और उनसे कैसे निकलें।
सब्सिडी की रकम एक नज़र में: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की सब्सिडी पहले 2 kW पर ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW पर ₹18,000 है — अधिकतम 3 kW तक। कुल मिलाकर: 2 kW system पर ₹60,000 और 3 kW system पर ₹78,000। पूरी पात्रता और राज्य सब्सिडी की जानकारी के लिए हमारी पीएम सूर्य घर सब्सिडी गाइड देखें।
पात्रता जाँच — क्या आप UP में योग्य हैं?
Portal खोलने से पहले यह सूची ध्यान से देखें। एक भी बात नहीं मिली तो आवेदन अटक जाएगा या रद्द हो जाएगा।
- सिर्फ घरेलू (residential) connection। आपका बिजली मीटर UPPCL के किसी भी DISCOM का domestic/residential connection होना चाहिए — पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL), पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (PuVVNL), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (MVVNL), दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (DVVNL), या कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO)। Commercial, industrial और agricultural connection इस योजना में नहीं आते।
- बकाया-मुक्त और सक्रिय खाता। आपका consumer account active होना चाहिए और उस पर कोई बकाया नहीं होना चाहिए। Defaulter या disputed account DISCOM की feasibility check में automatically रद्द हो जाते हैं।
- System size ≤ sanctioned load। जो solar capacity आप apply कर रहे हैं वह आपके current बिजली बिल पर लिखे sanctioned load (kW) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर बिल पर 2 kW sanctioned load है तो पहले DISCOM से load बढ़वाए बिना 3 kW के लिए आवेदन नहीं हो सकता।
- ALMM-listed solar panels। लगाए जाने वाले panels MNRE के Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) में होने चाहिए। 1 जून 2026 से ALMM List-I (module) और List-II (domestic cell) — दोनों अनिवार्य हैं। अगर आप इनका पालन नहीं करते हैं, तो आपकी पूरी सब्सिडी रद्द हो जाएगी (हालाँकि MNRE ने मार्च 2027 तक एक "Give It Up" छूट दी है, जिसमें आप चाहें तो सिर्फ नेट मीटरिंग पाने के लिए सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ सकते हैं)। विस्तार से जानने के लिए हमारी DCR और ALMM गाइड पढ़ें।
- Empanelled vendor से installation। Installation PM Surya Ghar national portal पर empanelled vendor से ही होनी चाहिए। किसी local contractor से करवाना UP में सबसे आम rejection का कारण है।
- मकान मालिक हों। आपको उस सम्पत्ति का मालिक होना चाहिए। Aadhaar और property documents में बिजली उपभोक्ता का नाम मेल खाना चाहिए। किरायेदार पात्र नहीं हैं।
- एक consumer number पर एक ही सब्सिडी। एक meter पर एक ही लाभार्थी। एक ही meter साझा करने वाले संयुक्त परिवार को भी सिर्फ एक सब्सिडी मिलेगी।
ज़रूरी दस्तावेज़ — UP में पीएम सूर्य घर आवेदन के लिए
Portal खोलने से पहले ये सब तैयार रखें — आवेदन के कई चरणों में upload करना पड़ता है और अधूरे documents से हफ्तों की देरी होती है।
| क्रम | दस्तावेज़ | क्या देखें |
|---|---|---|
| 1 | हालिया बिजली बिल (पिछले 1–3 महीने का) | Consumer number, sanctioned load (kW) और पता साफ दिखना चाहिए |
| 2 | 12 अंकों का UPPCL consumer number | बिल के ऊपर लिखा होता है; submit करने से पहले uppcl.mpower.in पर verify करें |
| 3 | Aadhaar card | नाम बिजली बिल से बिल्कुल मेल खाना चाहिए; OTP के लिए Aadhaar-linked mobile ज़रूरी |
| 4 | बैंक पासबुक या cancelled cheque | Direct Benefit Transfer (DBT) के लिए; खाता आवेदक के अपने नाम पर होना चाहिए |
| 5 | सम्पत्ति के स्वामित्व का प्रमाण | रजिस्ट्री, property tax रसीद, या possession letter — जिस पर आपका नाम हो |
| 6 | पासपोर्ट साइज फोटो | साफ, हाल की, सफेद background, JPEG format |
| 7 | सक्रिय मोबाइल नंबर | Aadhaar-linked होना ज़रूरी; पूरी प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध रहे |
अनुभव से एक ज़रूरी बात: सभी documents को 200 DPI या उससे ज़्यादा पर PDF या JPEG में scan करें। Portal पर हर file 2 MB से कम होनी चाहिए — ज़रूरत हो तो ilovepdf.com से compress करें। धुंधले या अधूरे scan document-review stage पर बिना बताए reject हो जाते हैं।
pmsuryaghar.gov.in पर Step-by-Step आवेदन प्रक्रिया
National portal एक तय क्रम में काम करता है — आप steps skip नहीं कर सकते। यहाँ हर step में क्या होता है, यह समझ लें।
Step 1 — Portal पर Registration
- pmsuryaghar.gov.in खोलें और "Apply for Rooftop Solar" पर click करें।
- अपना राज्य (Uttar Pradesh), ज़िला और electricity distribution company (DISCOM) चुनें। आपका DISCOM बिजली बिल पर लिखा होता है — PVVNL, PuVVNL, MVVNL, DVVNL या KESCO में से सही चुनें।
- बिल पर छपा 12 अंकों का consumer account number बिल्कुल वैसे ही डालें। एक अंक की गलती से "consumer not found" error आता है और form reset हो जाता है।
- मोबाइल नंबर से register करें और password बनाएं। OTP आपके Aadhaar-linked mobile पर आएगा।
Step 2 — Form A भरें (लाभार्थी आवेदन)
Login करके Form A पूरा करें — यह मुख्य आवेदन form है। ध्यान रखने वाली बातें:
- व्यक्तिगत जानकारी: Aadhaar से बिल्कुल मेल खाए — बीच का नाम या initials भी
- सम्पत्ति का पता: बिजली बिल पर लिखे पते से हूबहू मेल खाना चाहिए
- कितने kW का system चाहिए (sanctioned load से ज़्यादा नहीं)
- छत का प्रकार (RCC/GI sheet) और shadow-free area लगभग कितने वर्ग फुट है
ऊपर दी गई सूची के सभी documents upload करें। Consumer number Step 1 से auto-fill होता है — submit करने से पहले एक बार ज़रूर जाँच लें।
Step 3 — DISCOM Feasibility Approval
Form A submit होने के बाद आवेदन आपके local UPPCL sub-division को technical feasibility assessment के लिए जाता है। DISCOM के JE/AE यह देखते हैं:
- आपके feeder पर solar export absorb करने की grid capacity
- Requested solar capacity बनाम आपका sanctioned load
- Net metering के लिए connection point की technical उपयुक्तता
UP-specific timeline: UPPCL DISCOM को feasibility approval 15 कार्य-दिवसों के भीतर देना होता है। व्यवहार में — लखनऊ (MVVNL), कानपुर (KESCO), प्रयागराज (DVVNL) जैसे शहरी क्षेत्रों में 10–20 कार्य-दिवस में मिल जाती है। ग्रामीण sub-divisions — जौनपुर, बलिया, सोनभद्र (सभी PuVVNL) — में पूरे 15 दिन लग सकते हैं और April–June के peak season में 20–25 दिन भी। 15 कार्य-दिवस बीत जाने पर भी जवाब न आए तो portal के Grievance tab पर शिकायत दर्ज करें — इससे SLA-tracked ticket बनती है।
Step 4 — Empanelled Vendor चुनें
Feasibility approve होने के बाद portal पर vendor selection unlock होता है। आपको portal पर अपने ज़िले की empanelled vendors की सूची में से ही चुनना होगा। यह step न skip हो सकता है, न installation के बाद बदला जा सकता है।
बहुत ज़रूरी: जब तक portal पर vendor selection complete न हो जाए, installer को काम शुरू न करने दें। Portal पर vendor lock होने से पहले लगाया गया कोई भी system सब्सिडी के लिए eligible नहीं होगा — चाहे installation किसी भी quality की हो।
Ensolvar एक UPNEDA-authorised solar installer है जो PM Surya Ghar national portal पर empanelled है और उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में काम करता है। इस step पर पहुँचने से पहले हमसे WhatsApp पर बात करें ताकि हम coordination कर सकें।
Step 5 — System Installation
आपका empanelled vendor rooftop solar system लगाएगा। इस चरण में ज़रूरी बातें:
- सिर्फ ALMM List-I + List-II compliant panels (जून 2026 से अनिवार्य)
- Inverter पर MNRE / BIS approval होना ज़रूरी
- लगाई गई capacity feasibility letter में approved capacity से बिल्कुल मेल खानी चाहिए — कम या ज़्यादा हुई तो net metering से पहले नई feasibility लेनी होगी
Installation के बाद vendor आपकी तरफ से portal पर Form B (net metering application) submit करेगा।
Step 6 — Net Metering Application और UPPCL Inspection
Net metering ही वह ज़रिया है जिससे आपके panels की अतिरिक्त बिजली grid में जाती है और आपके bill में credit होती है — यही "300 यूनिट मुफ्त बिजली" का फायदा है। UPPCL में यह प्रक्रिया कुछ ऐसे चलती है:
- Installation के तुरंत बाद vendor portal के ज़रिए net metering application (Form B) submit करता है
- DISCOM sub-division एक Junior Engineer (JE) को site inspection के लिए भेजता है
- JE जाँचता है: लगाई गई capacity approval से मेल खाए, panel models ALMM list में हों, mounting और earthing UP DISCOM standards के अनुसार हो
- Bidirectional (import-export) meter DISCOM की तरफ से योजना के तहत मुफ्त लगाया जाता है
- Net metering activate होती है; आपका account import और export दोनों units record करने लगता है
Timeline: UPPCL को Form B submit होने के 15 कार्य-दिवस के भीतर net metering पूरी करनी होती है। शहरी क्षेत्रों (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर) में JE inspection 7–15 कार्य-दिवस में हो जाती है। Bidirectional meter availability के हिसाब से 5–15 दिन और लग सकते हैं। पूर्वी UP के ग्रामीण sub-divisions में कुल 25–30 कार्य-दिवस का बजट रखें।
Step 7 — Commissioning Certificate
Bidirectional meter लगने के बाद DISCOM Commissioning Certificate (System Inspection Report) जारी करता है। यही document सब्सिडी disbursement trigger करता है। Vendor इसे portal पर upload करता है साथ में:
- Geo-tagged installation photographs
- Panel serial numbers और ALMM approval references
- Inverter model और MNRE approval number
- Bidirectional meter serial number
Step 8 — सब्सिडी — Direct Benefit Transfer (DBT)
Commissioning certificate portal पर verify होने के बाद:
- MNRE disbursement claim batch में process करता है
- सब्सिडी की रकम सीधे DBT के ज़रिए आपके बैंक खाते में आती है — बीच में कोई नहीं आता
- Transfer शुरू होने पर आपके mobile पर SMS आता है
UP-specific timeline: Commissioning certificate upload से बैंक credit तक UP में आमतौर पर 30–60 दिन लगते हैं। हमारे अनुभव के अनुसार यह सबसे अच्छे मामलों में 20 दिन से लेकर February–April के peak season में 70–80 दिन तक ले सकता है। Portal के Disbursement Status tab पर नज़र रखें — "Disbursement Initiated" दिखते ही 3–5 कार्य-दिवस में credit आ जाती है।
System Capacity के हिसाब से पीएम सूर्य घर सब्सिडी (2026)
| System की क्षमता | सब्सिडी की गणना | कुल केंद्रीय सब्सिडी |
|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 × 1 kW | ₹30,000 |
| 2 kW | ₹30,000 × 2 kW | ₹60,000 |
| 3 kW | (₹30,000 × 2 kW) + (₹18,000 × 1 kW) | ₹78,000 |
| 3 kW से ज़्यादा | 3 kW की सीमा तक सब्सिडी | ₹78,000 |
केंद्रीय + यूपी राज्य सब्सिडी = ₹1,08,000
उत्तर प्रदेश उन गिने-चुने राज्यों में से है जो केंद्र की पीएम सूर्य घर सब्सिडी के ऊपर अपनी राज्य सब्सिडी (State Subsidy) भी देता है। UPNEDA (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण) द्वारा संचालित इस राज्य सब्सिडी के तहत ₹15,000 प्रति kW अतिरिक्त दिए जाते हैं, जो अधिकतम ₹30,000 तक होते हैं।
जब आप अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी (₹78,000) को अधिकतम यूपी राज्य सब्सिडी (₹30,000) के साथ जोड़ते हैं, तो 3 kW के सिस्टम पर कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी मिलती है।
महत्वपूर्ण: राज्य सब्सिडी UPNEDA के बजट आवंटन पर निर्भर करती है। आवेदन करते समय अपने empanelled vendor से वर्तमान उपलब्धता की पुष्टि ज़रूर करें।
UP में आवेदन रद्द होने के आम कारण — और उनसे कैसे बचें
UP के सैकड़ों आवेदनों के अनुभव से ये सबसे ज़्यादा दिखने वाली गलतियाँ हैं:
| रद्द होने का कारण | कैसे होती है गलती | कैसे बचें |
|---|---|---|
| गलत consumer number | 12 अंकों में typing mistake | बिल से copy करें; submit से पहले UPPCL portal पर verify करें |
| Non-ALMM panels | Vendor ने listed नहीं पैनल लगाए | Sign करने से पहले exact panel model का List-II ALMM status लिखित में लें |
| Non-empanelled vendor | Portal पर registered नहीं contractor से काम करवाया | Portal की district vendor list से ही चुनें — कोई exception नहीं |
| Capacity > sanctioned load | 2 kW load वाले बिल पर 3 kW के लिए apply किया | बिल पर sanctioned load देखें; ज़रूरत हो तो पहले DISCOM से load बढ़वाएं |
| Aadhaar–बिल का नाम मेल नहीं | बिल पर abbreviated या initials वाला नाम | DISCOM से consumer name update करवाएं या Aadhaar से बिल्कुल मिलता-जुलता नाम लिखें |
| दूसरे के नाम का बैंक खाता | पति/पत्नी या माता-पिता का खाता दिया | DBT सिर्फ आवेदक के नाम के खाते में आती है — अपने नाम का खाता link करें |
| Portal पर vendor selection से पहले installation | Vendor ने portal lock होने से पहले काम शुरू किया | Step 4 पूरी तरह complete करने के बाद ही कोई physical काम शुरू होने दें |
| अधूरे या धुंधले documents | Low-resolution scan या 2 MB से बड़ी files | 200 DPI+ पर scan करें, compress करके 2 MB से कम रखें, upload से पहले preview देखें |
पीएम सूर्य घर आवेदन का status कैसे देखें
- pmsuryaghar.gov.in पर अपने mobile number से login करें
- Dashboard → Track Application Status पर जाएं
- Portal हर stage timestamp के साथ दिखाता है: Form A submitted → Feasibility Pending → Feasibility Approved → Vendor Selected → Installation Pending → Commissioning Uploaded → Subsidy Disbursed
- DISCOM level पर delay (Feasibility या Net Metering stage पर रुका हो) के लिए अपने UPPCL sub-division office को consumer number और PM Surya Ghar reference number देकर directly call करें
- किसी भी stage पर 15 कार्य-दिवस की SLA पार हो जाए तो portal के Grievance tab पर शिकायत करें — इससे mandated response timeline वाला ticket नंबर मिलता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तर प्रदेश में portal पर आवेदन से लेकर बैंक में सब्सिडी आने तक आमतौर पर 75–120 दिन लगते हैं। यह इस तरह बँटता है: DISCOM feasibility approval में 10–15 कार्य-दिवस + vendor installation में 7–15 कार्य-दिवस + net metering और DISCOM inspection में 15–25 कार्य-दिवस + commissioning upload के बाद MNRE disbursement में 30–60 दिन। शहरी ज़िले (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) तेज़ होते हैं; पूर्वी UP के ग्रामीण ज़िलों में हर stage पर देरी होती है।
अगर commissioning report upload हुए 60 दिन से ज़्यादा हो गए हैं और बैंक में कुछ नहीं आया, तो ये चार बातें क्रम से जाँचें: (1) Portal पर login करें — Disbursement Status tab बताएगा कि MNRE ने transfer शुरू किया है या नहीं। (2) Portal पर अपना bank account number और IFSC verify करें — एक अंक की गलती DBT चुपचाप रोक देती है। (3) Vendor ने geo-tagged photos, ALMM panel references और bidirectional meter serial number सहित सारे documents upload किए हैं या नहीं देखें। (4) अगर सब ठीक हो फिर भी न मिले तो portal पर Grievance दर्ज करें और DISCOM consumer helpline पर अपना PM Surya Ghar reference number देकर शिकायत करें।
3 kW residential rooftop solar system पर केंद्र सरकार की सब्सिडी ₹78,000 है — पहले 2 kW पर ₹30,000/kW यानी ₹60,000, plus तीसरे kW पर ₹18,000। यह सब्सिडी DISCOM inspection और commissioning report upload के बाद Direct Benefit Transfer (DBT) से सीधे आवेदक के बैंक खाते में आती है।
2026 में UP में पात्रता के लिए: (1) UPPCL (PVVNL / PuVVNL / MVVNL / DVVNL / KESCO) का residential electricity connection हो, (2) account active और बकाया-मुक्त हो, (3) apply की गई system capacity current sanctioned load से ज़्यादा न हो, (4) ALMM List-I + List-II certified panels portal-empanelled vendor से लगवाए जाएं, और (5) आप उस सम्पत्ति के मालिक हों। जिन्होंने पहले rooftop solar subsidy ली हो, किरायेदार और commercial connection वाले पात्र नहीं हैं।
UP में सबसे आम कारण हैं: registration में गलत consumer number, panels ALMM list में नहीं (या जून 2026 के बाद सिर्फ List-I पर), vendor आपके ज़िले की PM Surya Ghar empanelled list में नहीं, system capacity sanctioned load से ज़्यादा, और Aadhaar व बिजली बिल के नाम में अंतर। Portal देखें कि rejection किस stage पर हुआ — उसी specific समस्या को ठीक करके दोबारा आवेदन करें।
चाहिए: हालिया UPPCL बिजली बिल (पिछले 1–3 महीने का, जिसमें consumer number और sanctioned load साफ हो), Aadhaar card (नाम बिल से बिल्कुल मेल खाए), Aadhaar-linked active mobile number, अपने नाम की बैंक पासबुक या cancelled cheque, सम्पत्ति के स्वामित्व का प्रमाण (रजिस्ट्री या property tax रसीद), और passport-size फोटो। सभी files portal upload के लिए साफ, पूरी और 2 MB से कम होनी चाहिए।
हाँ — पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में लागू है जिनमें लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, जौनपुर, आगरा, मेरठ, अलीगढ़ और बरेली सब शामिल हैं। आवेदन की प्रक्रिया सब जगह एक जैसी है; बस Step 1 पर DISCOM का नाम बदलता है: PVVNL — पश्चिमांचल (मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद ज़ोन); PuVVNL — पूर्वांचल (वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर ज़ोन); MVVNL — मध्यांचल (लखनऊ, हरदोई, सीतापुर ज़ोन); DVVNL — दक्षिणांचल (प्रयागराज, आगरा, बांदा ज़ोन); और KESCO — कानपुर शहर।
Ensolvar को आपका पूरा PM Surya Ghar आवेदन सँभालने दें
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का आवेदन national portal, आपके UPPCL DISCOM, बैंक और एक empanelled vendor — चारों के बीच 75–120 दिन में eight coordinated steps में चलता है। किसी भी stage पर एक गलती का मतलब है rejection, सब्सिडी का नुकसान, या महीनों की मेहनत बेकार।
Ensolvar एक UPNEDA-authorised solar installer है जो PM Surya Ghar national portal पर empanelled है और उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में काम करता है — जौनपुर और वाराणसी से लेकर लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर तक। हम पूरी pipeline सँभालते हैं:
- Portal registration और Form A submission
- DISCOM feasibility coordination और follow-up
- ALMM List-I + List-II compliant installation
- Net metering application और UPPCL inspection liaison
- Commissioning certificate upload और subsidy status tracking
जब तक आपके बैंक में सब्सिडी नहीं आ जाती, काम अधूरा नहीं माना जाएगा।
अभी शुरू करें — WhatsApp पर मुफ्त सलाह लें
अपना consumer number, ज़िला और छत का लगभग क्षेत्रफल भेजें — हम पात्रता confirm करेंगे, DISCOM load जाँचेंगे और अगला step बताएंगे।
Ensolvar को अभी WhatsApp करें →
या ensolvar.com/contact पर आएं। Paperwork के लिए कोई advance fees नहीं।
यह गाइड पहली बार 15 जुलाई 2026 को प्रकाशित हुई थी और Q3 2026 तक pmsuryaghar.gov.in, UPPCL DISCOM प्रक्रियाओं और MNRE subsidy disbursement timelines को reflect करती है। Solar policy बदलती रहती है — हमेशा आधिकारिक PM Surya Ghar portal से या हमसे contact करके नवीनतम नियम confirm करें।
